मेरा नेता बैटमैन है


Disclaimer- no relation with anyone living or dead.

5 साल पहले की बात है। यही चुनावी मौसम था, यही थे तुम और मैं। यही कुछ नेता थे- हमारा वोट मांगते थे। यही वो नेता हैं जो तबसे हमें दिखे भी नहीं।

तुम्हे अजीब नहीं लगता ये सोचकर की ये चुनावी बरसात के मेंढक हैं। हमारा वोट लेकर हमें ही हाशिये पर छोड़ आते हैं? तुम्हें ये सोचकर घिन नहीं आती की शर्मा, सिंह, सिद्दिक़ी, सैमुएल एक ही झटके में किसी पार्टी की सांत्वना कैसे पा जाते हैं? क्या तुमने कभी सोचा है कि जिसे वोट दिया था वो तुम्हारा कौन है?
हमारा नेता कौन है? हमारा नेता बैटमैन है।
उसके सिर्फ किस्से सुनाई देते हैं। वो किसी को नहीं दिखता। काली रातों के अंधेरो में उसका साया हमारी रक्षा करता है। वो चोरों के पैसे छीन कर अपनी जेबें भरता है। वो माफ़िया से लड़कर हमारी ज़मीन बचाता है। फिर वो उन्ही के साथ बैठकर पीता है। मेरा नेता असल में बैटमैन है।
उसका मकसद समाज की गंदगी मिटाना है। वो झुग्गियों को जला कर होटल बनाता है। उसे गरीबी से नफरत है। माफ़िया, डॉन, चोर, भ्रष्टाचारियों से रिश्वत लेकर वो हमारे लिए होली मिलन समारोह करवाता है। इतना भला नेता है वो। पैसे की कोई कमी नहीं है उसे। फिर भी कोई करोड़ो की कार नहीं चलता। Honda City से काम चला लेता है। उसे बंगले की चाहत नहीं। जिस बस्ती से उसे वोट मिलते हैं, वो नोट खर्च करके उस बस्ती से जाना नहीं चाहता। बस वहीं बस्ती के बीचोंबीच, कच्चे पक्के ग़रीब मकानों के बीच में उसका तिमंजिला घर है। शानदार।
उनके किस्से ही निराले हैं। 5 साल से लोग उसकी ओर उम्मीद लेकर जाते हैं। फिर उसी उम्मीद की पोटली उठाकर घर वापस आजाते हैं। वो अपना आदमी है। हमारी मजबूरी समझेगा। बस आजकल उसे वक्त नहीं मिलता न। बड़ा नेता है। इस छोटी सी बस्ती के आगे भी तो करना है उसे। एक न एक दिन हमारी ओर ज़रूर देखगा।
अब वही 5 साल पूरे होने को आये है। जो लड़के गली गली घूमकर उसका प्रचार किया करते थे, वो आज रोज़ी रोटी के जुगाड़ में हैं। सुना है नयी scheme आयी है सरकार की। उससे सभी बेरोज़गारों को नौकरी मिलेगी। पर कहते हैं की अभी scheme नहीं ला सकते। उन्हें जिताओगे तो सबको रोज़गार देंगे। बस्ती का ताजमहल बना देंगे। 5 साल तो काम काज सीखने में लग जाते हैं। 5 साल और दे दो। थोड़ा और सीख जाएंगे। फिर उसके 5-10 साल बाद, जब तुम्हारे बच्चे रोज़गार मांगेंगे तो कुछ न कुछ ज़रूर मिलेगा।
मेरा नेता बैटमैन है। पैसे की कोई कमी नहीं। उसके पास एक नहीं कम से कम 100 Alfred हैं। कुछ वकील हैं, कुछ पुलिसवाले। कुछ तो गली के जिम में रोज़ कसरत करते हैं। न जाने कब नेताजी का कोई काम पड़ जाए जिसमे प्रोटीन पाउडर की शक्ति काम आजाए। इस बैटमैन की दुनिया में कोई सुपरमैन नहीं। बस जो है वही है। एक जोकर की कमी है। उम्मीद है 5-10 या 15 साल बाद वो आ ही जाएगा। बस उम्मीद है।
माननीय आजकल बहुत चिंतित हैं। कहते हैं बैटमैन बनना कोई आसान काम नहीं। दिन रात एक करने पड़ते हैं। नए नए सूट सिलवाने पड़ते हैं। वो यद् दिलाते हैं कि उन्होंने 5 साल पहले क्या क्या वादे किए थे। पूरा एक भी नहीं किया पर हर वादा याद है उन्हें। बस उन्हें 5 साल और दे दो।
यंग जनरेशन है। बैटमैन को पसंद भी करती है। सुना है जो सड़क हर साल तोड़ कर नयी बनाई जाती है, उसको पूरा खुदवा देंगे। अच्छा है। बैटमैन की महिमा अपरम्पार है। आजकल चुनाव हैं तो हम Bruce Wayne से मिल लेते हैं। कल को कहीं ये चुनाव जीत गए तो 5 साल के लिए फिर बैटमैन हो जाएंगे और फिर उनके सिर्फ किस्से सुनाई देंगे।
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